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हर बार ब्लड प्रेशर की रीडिंग अलग क्यों आती है?

28.04.26 06:50 PM By Vernit Garg

क्या आपने कभी गौर किया है कि अगर आप 5 मिनट के अंदर दो बार बीपी चेक करें, तो दोनों रीडिंग अलग होती हैं? कई लोग घबरा जाते हैं कि उनकी मशीन खराब है, लेकिन असल में ब्लड प्रेशर कोई स्थिर नंबर नहीं है। यह शरीर की ज़रूरत के हिसाब से हर सेकंड बदलता रहता है।

रीडिंग बदलने के 5 मुख्य कारण:
1. नसों का खिंचाव (Stress and Anxiety):
अगर आप बीपी चेक करते समय थोड़ा भी तनाव में हैं या मशीन को देखकर घबरा रहे हैं, तो आपका बीपी तुरंत बढ़ जाएगा। 

2. बैठने का गलत तरीका:
अगर आप सोफे पर पैर लटका कर बैठे हैं, या आपके पैर क्रॉस (Crossed legs) हैं, तो रीडिंग बढ़ सकती है। सही तरीका है—कुर्सी पर सीधे बैठें और पीठ को सहारा दें।

3. कफ की पोजीशन (Cuff Placement):
अगर कफ दिल के लेवल (Heart level) से ऊपर या नीचे है, तो रीडिंग में भारी अंतर आएगा। साथ ही, अगर कफ बहुत ढीला या बहुत टाइट है, तो मशीन सही प्रेशर नहीं भांप पाएगी।

4. कैफीन, सिगरेट या खाना:
बीपी चेक करने से 30 मिनट पहले तक चाय, कॉफी या भारी खाना न खाएं। ये चीजें टेम्परेरी तौर पर बीपी को बढ़ा देती हैं।

5. बात करना या हिलना:
चेक करते समय बात करने से या हाथ हिलाने से भी रीडिंग में 10-15 पॉइंट का फर्क आ सकता है।

सटीक रीडिंग पाने का सही तरीका (The 5-Minute Rule):
मशीन लगाने से पहले 5 मिनट तक आराम से बैठें।

चेक करते समय बिल्कुल शांत रहें और बात न करें।

हथेली को ऊपर की तरफ खुला रखें।

प्रो टिप: हमेशा 2-3 रीडिंग लें और उनका औसत (Average) निकालें। वही आपका असली ब्लड प्रेशर है।

Vernit Garg

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